अन्तर्ध्वनि” मेरे हृदय की गहराइयों से निकली कविताओं का एक सुन्दर, शिक्षाप्रद संग्रह है। यह पुस्तक मात्र शब्दों का जाल नहीं, बल्कि जीवन के विभिन्न रंगों – प्रेम, विरह, वेदना, संघर्ष, आशा और आत्म साक्षात्कार की एक जीवंत अभिव्यक्ति है। इसमें संकलित हर कविता पाठक को अपने भीतर झांकने और स्वयं के अस्तित्व से जुड़ने के लिए प्रेरित करती है। सरल, सहज और मर्मस्पर्शी भाषा में लिखी गई ये रचनाएँ सीधे दिल को छूती हैं। यदि आप भावनाओं के एक खूबसूरत सफर पर निकलना चाहते हैं और जीवन के छिपे हुए मायनों को महसूस करना चाहते हैं, तो “अन्तर्ध्वनि” आपके अंतर्मन की आवाज़ बन जाएगी।
पुस्तकें हमारे जीवन की सच्ची मित्र और असीमित ज्ञान का स्रोत होती हैं, जो हमारे मानसिक और बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। “अन्तर्ध्वनि” कविता-संग्रह में मैंने विभिन्न सामाजिक संवेदनाओं, समसामयिक ज्वलन्त समस्याओं, राष्ट्रीय भावनाओं, धार्मिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक विरासतों इत्यादि पर कविता के माध्यम से अपने विचार और संदेश खुलकर लयबद्ध किए हैं, साथ ही सामाजिक बुराईयों पर भी प्रहार किए हैं।
इसके साथ ही विश्व पटल पर घटित घटनाओं से द्रवित, चिंतित होकर, “दुनिया के रंग”, आतंक और मानव, गद्दार हिन्दुस्तानी, विश्वगुरू भारत, हिंद के लाल, ऑपरेशन सिन्दूर, जैसी अनेक रचनाएँ अन्तर्ध्वनि में समाहित की हैं।
मुझे विश्वास है कि यह कविता संग्रह बहुत ही सरल हिन्दी भाषा में लिखा है, पाठकों को अवश्य प्रभावित करेगा !
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अन्तर्ध्वनि” कविता-संग्रह
₹100.00₹101.00
पृष्ठ संख्या – 70
ISBN – 978 816 850 5230
लेखक – रचनाकार डॉ. शशि शर्मा
| book-author | |
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| ISBN | 9788168505230 |
| Number Of Pages | 70 |
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