भारतीय ऋषि परंपरा और तीज त्योहार लेखक ओम प्रकाश खुराना भारत के ऋषियों के शोध एवं व्रत उत्सवों के धार्मिक एवं वैज्ञानिक पक्ष
वेद हमारे उत्कृष्ट वैज्ञानिक तत्वधान की प्राचीनतम उपलब्ध स्रोत रहे हैं वेदों की रचना से पूर्व भी सामाजिक संरचना निश्चित रूप से विद्यमान रही होगी उस काल के साक्ष्य कालांतर में वेद और अर्श परंपरा के रूप में प्रकट हुए वैदिक ऋषि ही हमारे गौरवमयी आरंभिक वैज्ञानिक थे जिन्होंने दर्शनगणित ज्योतिष पदार्थ सैन्य खगोल चिकित्सा परमाणु यांत्रिकी व जीव विज्ञान सहित अनेक क्षेत्रों में हजारों वर्ष पहले बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य किए थे इनके आविष्कारों ने विज्ञान को एक नई दिशाएं प्रदान की वर्तमान में जिन्हें हम पारंपरिक ज्ञान कहते हैं वह सही अर्थों में वैज्ञानिक तर्क पर आधारित है भारतीय दर्शन के अनुसार सत्य और अनुशीलन तत्व जीवन के मूल आधार हैं और इन आधारों ने मानवीय विचारों को चेतना प्रदान की है मानव की जिज्ञासु स्वभाव के कारण ही विज्ञान का जन्म हुआ जिसके फलस्वरूप अनुसंधान की प्रक्रिया सतत चलती रही मानव जीवन के स्तर को उत्कर्ष प्रदान करने का प्रयास निरंतर चलता रहा है जिसके कारण संसार में नित नई खोजें होती रहती है और विज्ञान समृद्ध होता रहता है
यह पुस्तक दो अनुभागों में है प्रथम भाग में व्रत उत्सव परंपरा के अंतर्गत सभी तेज त्योहार और द्वितीय अनुभाग में ऋषि परंपरा के मनीषियों का वर्णन है जो ना केवल अध्यात्म बल्कि गणित खगोल विद्या यज्ञ विद्या पशु चिकित्सा पुष्पक विमान विद्युत बल्ब देवों के चिकित्सक गृह नक्षत्र आदि सभी आधुनिक विज्ञान के विषयों से संबंधित कृषि और उनकी खोजों का वर्णन किया गया है
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भारतीय ऋषि परंपरा और तीज त्योहार
₹200.00₹202.00
पृष्ठ संख्या – 144
आईएसबीएन नंबर – 9788199790001
लेखक – ओम प्रकाश खुराना
| ISBN | 9788199790001 |
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| Number Of Pages | 144 |
| book-author |
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