समरसता से समृद्धि निबंध संग्रह लेखक राजकुमार बरुआ शिक्षार्थी
ज्ञान की कोई सीमा नहीं होती हम सब जीवन के रंगमंच पर केवल एक शिक्षार्थी हैं प्रस्तुत पुस्तक में समय समय पर लिखे गए उनके 23,लेख हैं हाये लेख समग्रता में हमारे समय के देशकाल को उजागर करते हैं लगभग भी सभी समस्याएं लेखक ने बेबाक टिप्पणी की है टिप ्पणी के कारण भी ये है और निदान भी लेखक अपने निष्कर्षों से असहमति का अपने पाठकों को पूरा अधिकार देता है विदेशी जीवन शैली की ओर आकर्षित होते हैं लेकिन इस बात से भी खिलने है कि हमारा अपना समाज आडंबर और अतिरिक्त का शिकार हो रहा है लेखक पर्यावरण के प्रदूषण का भी विचार उठाता है कैसे मोबाइल के टावरों से निरीह पक्षी संतुष्ट हैं लेक छोटे हैं भाषा सुबोध है ये लेख दृष्टि परक नहीं है समझते ही इनके केंद्र में है और पूरी पुस्तक की रचना की प्रेरणा में लोकहित की भावना विद्यमान है
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समरसता से समृद्धि निबंध संग्रह
₹150.00₹200.00
पृष्ठ संख्या – 112
आईएसबीएन नंबर – 9788168505209
लेखक – राजकुमार बरुआ शिक्षार्थी
| book-author | |
|---|---|
| ISBN | 9788168505209 |
| Number Of Pages | 112 |
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