जगराम सिंह द्वारा लिखित पुस्तक ” राष्ट्र की संजीवनी” एक महत्वपूर्ण पुस्तक है, जो भारतीय संस्कृति, उत्सवों और सामाजिक समरसता पर केंद्रित है। इस पुस्तक में लेखक ने भारतीय समाज में उत्सवों की भूमिका, उनके आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को गहराई से विश्लेषित किया है।
जग्राम सिंह एक प्रतिष्ठित लेखक हैं, जिनकी अन्य प्रमुख कृतियों में “पञ्च परिवर्तन”, “संस्कार सागर”, “लोक पूजन विधि”, “सेतुबंध”, “समरसता के भगीरथ” और “राष्ट्र के गौरव” शामिल हैं। इन पुस्तकों के माध्यम से उन्होंने भारतीय जीवन मूल्यों, परंपराओं और सामाजिक संरचना पर प्रकाश डाला है।
“राष्ट्र की संजीवनी” विशेष रूप से भारतीय उत्सवों के माध्यम से समाज में एकता, आनंद और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देती है। लेखक ने उत्सवों को केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता के साधन के रूप में प्रस्तुत किया है।










