“स्त्री होने का उत्सव मनाएं *” डॉ. नीलम महेन्द्र* द्वारा लिखित एक प्रेरणादायक पुस्तक है जो नारीत्व की गरिमा, शक्ति और समाज में उसके योगदान को उजागर करता है। इस पुस्तक में, डॉ. महेन्द्र स्त्री के विभिन्न रूपों — माँ, बेटी, पत्नी, बहन और एक स्वतंत्र व्यक्तित्व — को सम्मानित करती हैं और यह संदेश देती हैं कि स्त्री होना गर्व की बात है, न कि कोई बोझ।
स्त्री होना केवल एक जैविक पहचान नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अनुभव है जिसे मनाया जाना चाहिए।
डॉ. महेन्द्र यह दर्शाती हैं कि कैसे एक स्त्री परंपराओं का पालन करते हुए भी आधुनिक समाज में अपनी स्वतंत्र पहचान बना सकती है।
नारी सशक्तिकरण की आवश्यकता और उसके लिए समाज में जागरूकता फैलाने की बात की गई है।
स्त्रियाँ समाज के हर क्षेत्र में — शिक्षा, राजनीति, विज्ञान, कला — में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं
यह पुस्तक नारीत्व का सम्मान करने और समाज में स्त्रियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित करती है।
मूल्य: ₹120/-
पृष्ठ संख्या:96
ISBN:978-81-874151-9-7










