स्वातंत्र्यवीर सावरकर जी को कोटि-कोटि नमन

राष्ट्रभक्ति, त्याग और अदम्य साहस के प्रतीक स्वातंत्र्यवीर सावरकर जी को कोटि-कोटि नमन।
उनका जीवन हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
देश के प्रति उनका समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा।

काल स्वयं मुझ से डरा है, मैं काल से नहीं,
कालेपानी का कालकूट पीकर काल से कराल स्तभों को झकझोर कर, मैं बार-बार लौट आया हूँ, और फिर भी मैं जीवित हूँ। हारी मृत्यु है, मैं नहीं…..

विनायक दामोदर सावरकर

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