परिवार अथवा कुटुम्ब में समाज की सबसे छोटी इकाई और सबसे आवश्यक इकाई मानी गई है जो संबंधों पर आधारित होने के साथ साथ विचारों के संपोषण से वसुधैवकुटुम्बकम् तक विस्तारित होती है।
आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से भी कुटुम्ब प्रबोधन अत्यंत उपयोगी है।
जहाँ परिवार में परस्पर सहयोग और जिम्मेदारी की भावना है वहाँ समृद्धि और विकास का मार्ग प्रशस्त होता है।
परिवार प्रबोधन ही व्यक्ति समाज और राष्ट्र के जीवन का सार है यही लोकमंगल संस्कृति और ज्ञान का आधार है।
यह पुस्तक परिवार भाव को जागृत करना और कुटुम्बों को पोषित और एक एकात्म करने में सहायक सिद्ध होगी।
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₹5.00कुटुम्ब प्रबोधन चुनौतियां और उपाय
₹25.00₹30.00
लेखक: जगराम सिंह
पृष्ठ संख्या नंबर:32
| ISBN | 9788199257511 |
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| Number Of Pages | 32 |
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| book-author |
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