लेखक रमेश शर्मा
नारी का स्वाभिमान ही उसकी शोभा है भारत का इतिहास नारी सम्मान से भरा है और जब स्वत्व रक्षा के मार्ग बंद हो गए तब भारतीय नारियों ने अग्नि और जल समाधि ले कर आत्म बलिदान का मार्ग अपनाया इसे इतिहास में जौहर कहा गया कई वर्षों तक भारत को रूपांतरित करने का सतत अभियान जो चला लगातार हमले, विध्वंस की आंधी के बीच भारत की संस्कृति को ऐसे बलिदानों ने सुरक्षित रखा उन्होंने प्राण तो दिए साथ ही आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित भी किया ।
वो भारत राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा के लिए केवल युद्ध के मैदान में ही बलिदान नहीं हुए अपितु हजारों लाखों महिलाओं ने स्वत्व और स्वाभिमान रक्षा के लिए अग्नि में प्रवेश करके अपना बलिदान दिया।
जौहर की पृष्ठभूमि से लेकर आक्रमण हमलावरो के उद्देश्य और इतिहास के विवरण को 32 पन्नों में समेटने की कोशिश की है। इस पूरी पुस्तक में नौ अध्याय है।
प्रकाशक अर्चना प्रकाशन
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₹10.00जौहर स्वत्व रक्षा के लिए बलिदान
₹30.00₹40.00
लेखक रमेश शर्मा
आईएसबीएन नंबर 9788198413178
पृष्ठ संख्या 32
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| ISBN | 9788198413178 |
| Number Of Pages | 32 |
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