माधवी (सम्राट वसुमना, प्रतर्दन, शिबि और अष्टक की माता)
लेखक – धीरसिंह पवैया भारतवर्ष में नारी को सदैव सर्वोच्च स्थान प्राप्त रहा है। धर्मशास्त्रों में उन्हें देवीस्वरूपा कहा गया है। प्राचीन काल की स्त्रियाँ जैसे – सीता, सावित्री, अनुसुइया, द्रौपदी और माधवी – अपने त्याग, साहस और आदर्शों से आज भी प्रेरणा देती हैं। माधवी का चरित्र विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जिसने चार राजाओं से वीर पुत्र उत्पन्न किए, फिर भी अपना पवित्रता और कन्यारूप बनाए रखा। वह नारी की महानता, बलिदान और मर्यादा की प्रतिमूर्ति हैं।









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