भारत को देवभूमि, पुन्य भूमि, तीर्थ भूमि, इत्यादि नामों से जाना जाता है | सदियों तक भारत विज्ञान, कला, साहित्य, प्रद्योगिकी इत्यादि ज्ञान के सभी क्षेत्रों में विश्व में सर्वोच्च स्थान पर रहा है | परन्तु कालांतर में विविध चुनौतियों के कारण कुछ सामाजिक विकृतियां आ जाने के कारण राष्ट्र की प्रतिष्ठा एवं ऐश्वर्य में गिरावट देखने को मिलती है | परन्तु स्वाधीनता संघर्ष के पश्चात अब भारत अपनी पुरातन महान संस्कृति के बल पर पुनः शक्ति संपन्न होकर परम वैभव की प्रति के लिए द्रुत गति से आगे बढ़ रहा है |
राष्ट्र के पुनर्निर्माण में विगत सौ वर्षों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अथक रूप से कार्य कर रहा है | संघ का विचार है कि राष्ट्र की एकता और अखंडता तभी चिरंजीवी रह सकती है जब राष्ट्र का प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों को समझे, स्वदेश से प्रेम करे, परिवार में शांति और समाज में समरसता का भाव हो | इस हेतु राष्ट्र के नव र्निर्माण के लिए पंच परिवर्तन से राष्ट्र संवर्धन की संकल्पना संघ ने स्थापित की है | पञ्च परिवर्तन के पांच मूल विषय हैं: पहला कुटुंब प्रबोधन, दूसरा सामाजिक समरसता, तीसरा स्वदेशी, चौथा नागरिक कर्त्तव्य, और पांचवा पर्यावरण संरक्षण इन पांच क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन लाने का संकल्प है यह ‘पंच परिवर्तन’ | यह पाँचों विषय न केवल सांस्कृतिक राष्ट्रत्व के आधार स्तंभ हैं, अपितु भारतीय संविधान के मूल लक्ष्यों से भी गहन रूप से संबद्ध हैं। यह महज़ विचार नहीं, बल्कि भारतीय संविधान की आत्मा में समाहित मूल्यों और कर्तव्यों का मूर्त रूप है। यह भारतीय समाज की दिशा और दशा को परिभाषित करने वाली नैतिक संहिता के सामान है। राष्ट्र के पुनरुत्थान के लिए पांच क्षेत्रों में समुचित परिवर्तन लाने से भारत परम वैभव को प्राप्त कर सकेगा | पंच परिवर्तन महज़ वैचारिक अभियान नहीं, बल्कि राष्ट्र-निर्माण की दिशा में संघ की सक्रिय सामाजिक और संवैधानिक भागीदारी है। यह उन तत्वों को बल देता है जिन्हें भारत के संविधान ने मूल अधिकारों और नीति-निर्देशक सिद्धांतों में स्थान दिया है।
यह पुस्तक भारतीय संस्कृति की महानता, इसके उच्च आदर्शों से परिचित कराने के अतिरिक्त कालांतर में नैतिक एवं संस्कृतिक पतन के विविध कारणों के विषय में जानकारी उपलब्ध कराने का छोटा सा प्रयास है |
यह पुस्तक समाज से आह्वान करती है कि पंच परिवर्तन से समाज एवं राष्ट्र का पुनर्निर्माण हेतु प्रत्येक नागरिक कृत संकल्पित हो |
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₹50.00पंच परिवर्तन से राष्ट्रीय संवर्धन
₹300.00₹350.00
लेखक – डॉ. अमित कुमार ताम्रकार
पृष्ठ संख्या – 264
ISBN number – 9788199790087
| ISBN | 9788199790087 |
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| book-author | |
| Number Of Pages | 264 |
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