प्रत्येक राष्ट्रभक्त का स्वप्न अखंड भारत लेखक डॉ. सदानंद दामोदर सप्रे
जीस तरह स्वाधीनता से पहले प्रत्येक राष्ट्रभक्त के लिए स्वाधीनता की भावना प्रेरणा का मुख्य स्रोत हुआ करती थी उसी तरह स्वाधीनता के बाद अखंड भारत का स्वप्न प्रत्येक राष्ट्र भक्त के लिए प्रेरणा का मुख्य स्त्रोत होना चाहिए और इस स्वप्न को साकार करने के लिए हमेशा क्रियाशील रहना चाहिए
से अखंड होगा यह तो तय है परंतु कब होगा ये हमारे पौरुष और प्रयास पर निर्भर करता है
भारत फिर से अखंड हो सकता है?
परंतु विभाजन क्यों हुआ? ऐसे कई प्रश्नों के उत्तर लिए ये पुस्तक कई भाषाओं में अनुवाद की जा चुकी है
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₹1.00प्रत्येक राष्ट्रभक्त का स्वप्न अखंड भारत
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लेखक – डॉ. सदानंद दामोदर सप्रे
पृष्ठ संख्या – 96
आईएसबीएन नंबर – 9789384563042
| ISBN | 9789384563042 |
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