मिट्टी की पुकार समकालीन जीवन की संवेदनाओं, मानवीय संबंधों और सामाजिक यथार्थ को अभिव्यक्त करने वाला एक प्रभावशाली लघुकथा-संग्रह है। इस संग्रह की लघुकथाएँ जीवन के विविध पहलुओं को सरल, सहज और मार्मिक शैली में प्रस्तुत करती हैं। प्रत्येक रचना पाठक को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करती है तथा मानवीय मूल्यों, सामाजिक सरोकारों और बदलते परिवेश पर सार्थक दृष्टि डालती है।
संग्रह की कथाओं में परिवार, समाज, संस्कृति, नारी संवेदना, मानवीय रिश्तों, नैतिक मूल्यों तथा प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व जैसे विषयों का प्रभावशाली चित्रण मिलता है। शीर्षक मिट्टी की पुकार अपनी जड़ों, संस्कृति और मानवीय संवेदनाओं से जुड़े रहने का संदेश देता है।
यह संग्रह साहित्य-प्रेमियों, शोधार्थियों तथा लघुकथा विधा के पाठकों के लिए समान रूप से पठनीय और संग्रहणीय है।










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