मेरी यात्रा 1857 का आँखों देखा हालमूल मराठी पुस्तक का हिंदी अनुवाद लेखक विष्णु भट्ट गोडसे हिंदी अनुवादक एवं संपादन रविंद्र काले
इस पुस्तक की कई विशेषताएं हैं जिसमें उस कालखंड की जीवन शैली गोडसे जी का देखा हुआ 11 दिन का झांसी का युद्ध तत्पश्चात अंग्रेज सैनिकों ने झांसी के सामान्य लोगों पर की अत्याचार व यज्ञ के प्रति उनका गहरा ज्ञान और उनके द्वारा झेली हुई विपत्तियों का वर्णन प्रमुख है वो जैसे भट जी की ये पुस्तक यात्रा का वर्णन और उस वक्त के इतिहास का सुंदर मिश्रण बड़ी सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है
लेखक में विद्रोह का कारण चरबी से लैस कारतूस बताया है यह पूरी पुस्तक सात भागों में विभाजित है
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₹1.00मेरी यात्रा 1857 का आँखों देखा हाल
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पृष्ठ संख्या – 216
आईएसबीएन नंबर – 9789384563936
| ISBN | 9789384563936 |
|---|---|
| book-author | |
| Number Of Pages | 216 |
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