मैं मनु और संघ लेखक रमेश पतंगे
वैचारिक संदर्भ की दृष्टि से विचारकथा में पिरोए हुए इस पुस्तक में कई प्रसंग हैसामाजिक समता के संदर्भ में संघ में जो भी प्रत्यक्ष अनुभव लेखक को मिले हैं वे अंश पुस्तक में प्रस्तुत किए गए हैं यह मूल मराठी पुस्तक का अनुवाद है क्योंकि, किसी एक भाषा का साहित्य दूसरी भाषा में अनुवाद करना सरल नहीं हैअनुवादक का दोनों भाषाओं पर प्रभुत्व होना प्राथमिक आवश्यकता होती है बचपन से ही संघ में जाने वाले संघ के संस्कारों में पले संघ के अनेक उच्च पदों को विभूषित करने वाले श्री रमेश पतंगे के मन पर आरोपों का गहरा आघात होता रहा फिर उन्होंने मन्नू का शोध करना शुरू किया और उसमें से मैं मनु और संघ स्वकथन के रूप में लिखी हुई एक निराली कथा निर्मित हुई
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₹1.00मैं मनु और संघ
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लेखक – रमेश पतंगे
आईएसबीएन नंबर – 9789384563165
पृष्ठ संख्या – 143
| ISBN | 9789384563165 |
|---|---|
| Number Of Pages | 143 |
| book-author |
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