शाखा दीप : सुभाषित, नीति के दोहे एवं अमृत वचन

120.00125.00

लेखक: धीरेन्द्र (धीर) सिंह पवैया
प्रकाशक: अर्चना प्रकाशन, भोपाल
भूमिका: स्वतंत्र रंजन, अखिल भारतीय बौद्धिक शिक्षण प्रमुख द्वारा लिखित।
पृष्ठ संख्या: 248
मूल्य: ₹120
ISBN: 978-93-84569-68-4
संस्करण: 2021

परिचय:
भारतीय साहित्य विश्व का प्राचीनतम एवं समृद्ध साहित्य माना जाता है। ज्ञान, संस्कृति और संगठन की दृष्टि से इसने सभी विद्याओं में उच्चतम शिखर को स्पर्श किया है। विभिन्न अवसरों पर महापुरुषों द्वारा कहे या लिखे गए प्रेरणादायी वचन, सुभाषित तथा नीति-दोहे मानव के मन और बुद्धि को आलोकित करते हैं। ये जीवन में उत्साह, प्रेरणा और सही दिशा प्रदान करते हैं। ऐसे अमृत वचनों का बार-बार स्मरण व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण तथा राष्ट्रभावना को सुदृढ़ करने में सहायक होता है। यह पुस्तक भाषणों, बौद्धिक कार्यक्रमों तथा दैनिक अध्ययन के लिए एक उपयोगी संकलन है।

Category:
ISBN

978-93-84569-68-4

book-author

Number Of Pages

248

Customer Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “शाखा दीप : सुभाषित, नीति के दोहे एवं अमृत वचन”

Your email address will not be published. Required fields are marked *