बाल कथाएँ

200.00201.00

लेखक: धीर सिंह पवैया
कुल बाल कथाएँ: 205
पृष्ठ संख्या: 176
ISBN: 9789384563271

बाल कथाएँ बच्चों के सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक शिक्षा तथा संस्कारों के विकास को समर्पित एक उत्कृष्ट पुस्तक है। इस पुस्तक की प्रस्तावना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह आदरणीय श्री भैय्याजी जोशी द्वारा लिखी गई है, जो इसकी महत्ता और उपयोगिता को रेखांकित करती है।

पुस्तक में अनुक्रमणिका के अनुसार 205 प्रेरणादायक बाल कथाएँ संकलित हैं। प्रत्येक कथा सरल, रोचक और शिक्षाप्रद है, जो बच्चों में सत्यनिष्ठा, अनुशासन, परिश्रम, ईमानदारी, करुणा, सेवा, साहस, आत्मविश्वास तथा राष्ट्रप्रेम जैसे श्रेष्ठ मानवीय गुणों का विकास करती है। इन कथाओं के माध्यम से बालकों को मनोरंजन के साथ-साथ जीवन के महत्वपूर्ण आदर्शों और मूल्यों की सहज शिक्षा प्राप्त होती है।

यह पुस्तक विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों, संस्कार वर्गों, पुस्तकालयों तथा बाल-साहित्य के सभी पाठकों के लिए समान रूप से उपयोगी और संग्रहणीय है।

ISBN

9789384563271

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Number Of Pages

176

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