इस पुस्तक में आठ अध्याय हैं जो उनकी देश सेवा के संकल्प संघ के प्रचारक और उनके भाव उनके विचार संस्कृत की पुन प्रतिष्ठा की लगान और संघ ही जीवनगाथा
इस पुस्तक को बौद्धिकों और अप्रकाशिक संस्मरणों के आधार पर लिखने का प्रयास किया गया हैबाबा साहब ने कहा था कि आजकल राष्ट्रीय उत्थान का उद्योग पर्व चल रहा है हिंदू शब्द में संजीवनी के समान अपार सामर्थ्य है और उस सामर्थ्य को जागृत करने का उन्होंने हमसे असीम आकुलता से आह्वान किया है उनके उस संदेश को आज के समस्याग्रस्त और संकटग्रस्त समाज तक पहुंचाना भी इस पुस्तक के साधन प्रस्तुतीकरण का उद्देश्य है
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₹5.00श्री बाबा साहब आपटे जीवन और कार्य
₹35.00₹40.00
लेखक – च.प भिशीकर
पृष्ठ संख्या – 128
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| Number Of Pages | 128 |
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