अहिल्याबाई होलकर,बिन्दु से विराट तक , रमेश शर्मा द्वारा लिखित पुस्तक
लोकमाता अहिल्याबाई के जन्म, आर्थिक और सामाजिक दृष्टि,अपनी प्रतिभा से महारानी और अपने व्यक्तित्व की विशेषता सै लोकमाता बनीं। वे देशकाल परिस्थिति और व्यक्ति को समझकर विषय रखतीं थीं। पति को मार्ग पर लाने का मार्ग अलग और पुत्र को मार्ग पर लाने का मार्ग अलग अपनाया। उनका जीवन व्यक्ति निर्माण और कुटुम्ब प्रबंधन का अद्भुत उदाहरण है। महेश्वर निर्माण केलिये उन्होंने मैदानी क्षेत्र चुना। न वन की कटाई हुई न पत्थरों के लिये उन्होंने पर्वतों की कटाई की। यह प्रकृति संरक्षण का उदाहरण है। सल्तनतकाल में विखंडित मान विन्दुओं और धर्म स्थलों का देश भर में जीर्णोद्धार कराया। यह संपूर्ण देश को एक सूत्र में बाँधने का प्रयास था। जीवन का ऐसा कोई विन्दु नहीं जिसकी समृद्धि केलिये लोकमाता अहिल्याबाई ने कार्य न किया हो
पुस्तक “विन्दु से विराट” लोकमाता अहिल्याबाई जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है, इन्ही विन्दुओं का संक्षिप्त समावेश है
मूल्य: ₹50/-
पृष्ठ संख्या:48
ISBN:978-81-974151-8-0










akther
Such an incredibly complex story! I had to buy it because there was a waiting list of 30+ at the local library for this book. Thrilled that I made the purchase
Amber Jones
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