धरा एवं पर्यावरण

30.0040.00

आईएसबीएन: 9789384563189
पृष्ठ संख्या: 32

धरा एवं पर्यावरण कुप. सी. सुदर्शन लेखक
विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में पर्यावरण सुरक्षा मंच भोपाल द्वारा दिनांक 5 जून 1964 को आयोजित संगोष्ठी में सुदर्शन का भाषण प्रकाशित है. ये पुस्तक विश्व निर्माण का धरा और पर्यावरण से क्या संबंध है बताने की कोशिश करती है

पुस्तक परिचय

पुस्तक का नाम: धरा एवं पर्यावरण
लेखक: कुप. सी. सुदर्शन

धरा एवं पर्यावरण पुस्तक में प्रकृति, पृथ्वी और मानव जीवन के पारस्परिक संबंधों को स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है। यह पुस्तक मुख्यतः विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में पर्यावरण सुरक्षा मंच, भोपाल द्वारा दिनांक 5 जून 1964 को आयोजित संगोष्ठी में दिए गए सुदर्शन जी के भाषण पर आधारित है, जिसे बाद में पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया गया।

इस पुस्तक में यह बताया गया है कि विश्व निर्माण और मानव सभ्यता का विकास पृथ्वी (धरा) और पर्यावरण से गहराई से जुड़ा हुआ है। लेखक का उद्देश्य पाठकों को यह समझाना है कि यदि मानव समाज को संतुलित और टिकाऊ विकास की दिशा में आगे बढ़ना है, तो उसे प्रकृति और पर्यावरण के साथ सामंजस्य स्थापित करना होगा।

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ISBN

9789384563189

Number Of Pages

32

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