शिक्षा केवल पुस्तकों के पन्नों तक सीमित ज्ञान का साधन नहीं है:वह संस्कृति की संवाहक जीवन मूल्यों की पोषक और स्वावलंबन की मजबूत नींव है। यही वह ज्योति है जो व्यक्ति को जागरूक, संवेदनशील, कर्मनिष्ठ नागरिक बनाती है और समाज में उत्तरदायित्व की भावना जगाकर सशक्त राष्ट्र निर्माण का मार्ग दिखाती है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के ऐतिहासिक अवसर पर इस पुस्तक का लेखन हुआ है। विचारों प्रयोगो और यज्ञों को एक सूत्र में शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र के भविष्य को गढ़ने का कार्य कर रहे हैं।
संख्यात्मक आंकड़े मुख्यतः मध्य प्रदेश के संदर्भ में संकलित किए गए हैं।
इस पुस्तक का प्रत्येक उदाहरण प्रमाणित करता है कि, भारतीय शिक्षा दृष्टि जब स्थानीय आवश्यकताओं और सांस्कृतिक धरातल के साथ जुड़ती है तो उसका प्रभाव गहरा और दीर्घकालीक होता है यह केवल अतीत की गाथा नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा भी दिखाती है
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₹5.00सा विद्या या विमुक्तये
₹150.00₹155.00
लेखक – निखिलेश माहेश्वरी
ISBN – 9788198794642
पृष्ठ संख्या – 136
| ISBN | 9788198794642 |
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| book-author | |
| Number Of Pages | 136 |
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